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तुमने कहा था हम एक ही हैं तो अपने बराबर कर दो ना....

तुमने कहा था हम एक ही हैं तो अपने बराबर कर दो ना.. नैपी जब मैं बदलती हूं तुम दूध की बोतल भर दो ना... बस यूं ही एक हैं एक हैं  करके कहां ज़िंदगी चलती है.. कभी तुम भी सर दबा दो मेरा, ये भी कमी एक खलती है... जब मैं भी ऑफिस जाती हूं, तुम भी घर को संवार दो ना.. तुमने कहा था हम एक ही हैं तो अपने बराबर कर दो ना... मत करो वादे जन्मों के, इस पल ख़ुशी की वजह दो ना.. कभी बाज़ारों से ध्यान हटे, तो मकान को घर भी कर दो ना... आओ पास बैठो, कुछ बातें करें, कभी दिल के ज़ख्म भी भर दो ना... क्यों कहना भी पड़ता है ये, तुम एहसासों को समझो ना... तुमने कहा था हम एक ही हैं तो अपने बराबर कर दो ना... तुम क्रिकेट भी अपनी देखो और मैं सीरियल अपना लगाऊंगी... थोड़ा हाथ बंटा देना, मैं जब किचन में जाऊंगी.... सब मिलकर साथ करने की हममें ये भी तो क्वॉलिटी है... हम साथ खड़े हैं इक-दूजे के, हल ही जेंडल इक्वॉलिटी है... तुम भी नए से हो जाओ अब, और नई सी मुझको उमर दो ना.. तुमने कहा था हम एक ही हैं तो अपने बराबर कर दो ना....

स्नान कब और कैसे करें..

स्नान कब और कैसे करें घर की समृद्धि बढ़ाना हमारे हाथ में है। सुबह के स्नान को धर्म शास्त्र में चार उपनाम दिए हैं।🌹🙏 🌷 1.  मुनि स्नान। जो सुबह 4 से 5 के बीच किया जाता है। 2.  देव स्नान। जो सुबह 5 से 6 के बीच किया जाता है। 3.  मानव स्नान। जो सुबह 6 से 8 के बीच किया जाता है। 4.  राक्षसी स्नान। जो सुबह 8 के बाद किया जाता है। 🔵🔴 ▶मुनि स्नान सर्वोत्तम है। ▶देव स्नान उत्तम है। ▶मानव स्नान सामान्य है। ▶राक्षसी स्नान धर्म में निषेध है। 🔶 मुनि स्नान ....... 👉🏻घर में सुख ,शांति ,समृद्धि, विद्या , बल , आरोग्य , चेतना , प्रदान करता है। देव स्नान ...... 👉🏻 आप के जीवन में यश , कीर्ती , धन, वैभव, सुख ,शान्ति, संतोष , प्रदान करता है। मानव स्नान..... 👉🏻काम में सफलता ,भाग्य, अच्छे कर्मों की सूझ, परिवार में एकता, मंगलमय , प्रदान करता है। राक्षसी स्नान..... 👉🏻 दरिद्रता , हानि , क्लेश ,धन हानि, परेशानी, प्रदान करता है । किसी भी मनुष्य को 8 के बाद स्नान नहीं करना चाहिए। . पुराने जमाने में इसी लिए सभी सूरज निकलने से पहले स्नान करते थे। 🍂🏵 खास कर जो घर की स्त्री होती थी।* चाहे...

Very rare collection.....

Very  rare  collection..... .         पैर  की  मोच                  और             छोटी   सोच ,               हमें   आगे           बढ़ने   नहीं   देती ।  😔😔😔😔😔😔😔😔           टूटी   कलम                    और           औरो   से   जलन ,          खुद   का   भाग्य           लिखने   नहीं   देती ।  😔😔😔😔😔😔😔😔            काम   का   आलस                     और             पैसो...

दुनिया में यूँ ही होता है...

🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃 ...दुनिया में यूँ ही होता है... जब जब दर्द का बादल छाया, जब गम का साया लहराया... जब आँसू पलकों तक आया,  जब ये तनहा दिल घबराया... हमने दिल को ये समझाया,  दिल आखिर तू क्यों रोता है... ...दुनिया में यूँ ही होता है... ये जो गहरे सन्नाटे हैं, वक्त ने सब को ही बांटे हैं... थोडा गम है सबका किस्सा, थोड़ी धुप है सब का हिस्सा... आँख तेरी बेकार ही नम है,  हर पल एक नया मौसम है... क्यूँ तू ऐसे पल खोता है, दिल आखिर तू क्यूँ रोता है... ...दुनिया में यूँ ही होता है... 🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃

छोड़ो मुझे क्या....

🌺 मैं ताउम्र दुसरो को परेशान देख  ये कहता रहा......छोड़ो मुझे क्या .... सड़क पर भूखे बच्चे को देख ये सोचता रहा.....छोड़ो मुझे क्या .... कल सड़क पर मेरी घायल माँ  मदद के लिए चीखती रही, मैं एक शख्स की बात सुन कर रो पड़ा जब उसने कहा......छोड़ो मुझे क्या....

उम्मीदें कमज़ोर कर देती है....

🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃 एक बादशाह सर्दियों की शाम जब अपने महल में दाखिल हो रहा था तो एक बूढ़े दरबान को देखा जो महल के सदर दरवाज़े पर पुरानी और बारीक वर्दी में पहरा दे रहा था।  बादशाह ने उसके करीब अपनी सवारी को रुकवाया और उस बूढ़े दरबान से पूछने लगा ; "सर्दी नही लग रही ?" दरबान ने जवाब दिया "बोहत लग रही है हुज़ूर ! मगर क्या करूँ, गर्म वर्दी है नही मेरे पास, इसलिए बर्दाश्त करना पड़ता है।" "मैं अभी महल के अंदर जाकर अपना ही कोई गर्म जोड़ा भेजता हूँ तुम्हे।" दरबान ने खुश होकर बादशाह को फर्शी सलाम किया और आजिज़ी का इज़हार किया।  लेकिन बादशाह जैसे ही महल में दाखिल हुआ, दरबान के साथ किया हुआ वादा भूल गया।  सुबह दरवाज़े पर उस बूढ़े दरबान की अकड़ी हुई लाश मिली और करीब ही मिट्टी पर उसकी उंगलियों से लिखी गई ये तहरीर भी ; "बादशाह सलामत ! मैं कई सालों से सर्दियों में इसी नाज़ुक वर्दी में दरबानी कर रहा था, मगर कल रात आप के गर्म लिबास के वादे ने मेरी जान निकाल दी।" सहारे इंसान को खोखला कर देते है और उम्मीदें कमज़ोर कर देती है।  अपनी ताकत के बल पर जीना शुरू कीजिए, ...

What's up व्रत कथा

.                What's up व्रत कथा एक सुंदर 🏢🏬🏣🏤 शहर था। वहाँ एक सुंदर स्त्री 👩🏻‍🦰रहती थी वह घरेलू परेशानियों से तंग और बच्चों की शिक्षा को लेकर बहुत परेशान रहती थी परंतु कड़ी मेहनत करती थी 🙋 जिम्मेदारी का बोझ, अकेलेपन से बीमार पड़ गई थी। बीपी, शुगर ने शरीर में धर कर लिया था और हंसी, खुशी, आनंद सब गायब हो गया था। फिर एक दिन एक सहेली ने उसे स्मार्टफोन उपहार में दिया। उसने व्हाट्सएप से दोस्तों के साथ संवाद करना शुरू कर दिया। कुछ ही दिनों में उसकी सारी रिपोर्ट सामान्य आ गई। बैठे बैठे बी.पी. शक्कर सब नार्मल होने लगी वह आनंद से व्हाट्सएप व्रत की सफलता की कहानी सबको बताने लगी।   उसकी एक सहेली थी, उसने कहा मुझे भी बताओ, यह व्रत कैसे किया जाता है और इसके करने से क्या फल मिलता है। मैं भी यह व्रत करूंगी। महिला ने कहा, हर सुबह उठने के साथ इस भगवान के दर्शन कर जीएम (Good Morning), जीएन (Good Night) का समय-समय पर जाप करना चाहिए। समय- ⏱ समय पर भगवान के दर्शन कर मन को शुद्ध करें। एक ग्रुप के व्हाट्सएप मैसेज को पूरी भक्ति भावना से दूसरे ग्रुप में अर...