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आत्म मूल्यांकन...

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  कसाई के पीछे घिसटती जा रही बकरी ने सामने से आ रहे संन्यासी को देखा तो उसकी उम्मीद बढ़ी। मौत आंखों में लिए वह फरियाद करने लगी- ‘महाराज! मेरे छोटे-छोटे मेमने हैं। आप इस कसाई से मेरी प्राण-रक्षा करें। मैं जब तक जियूंगी,अपने बच्चों के हिस्से का दूध आपको पिलाती रहूंगी। बकरी की करुण पुकार का संन्यासी पर कोई असर न पड़ा। वह निर्लिप्त भाव से बोला- ‘मूर्ख, बकरी क्या तू नहीं जानती कि मैं एक संन्यासी हूं। जीवन-मृत्यु, हर्ष-शोक, मोह-माया से परे, हर प्राणी को एक न एक दिन तो मरना ही है। समझ ले कि तेरी मौत इस कसाई के हाथों लिखी है। यदि यह पाप करेगा तो ईश्वर इसे भी दंडित करेगा। मेरे बिना मेरे मेमने जीते-जी मर जाएंगे, बकरी रोने लगी। नादान, रोने से अच्छा है कि तू परमात्मा का नाम ले। याद रख, मृत्यु नए जीवन का द्वार है। सांसारिक रिश्ते-नाते प्राणी के मोह का परिणाम हैं। मोह माया से उपजता है। माया विकारों की जननी है। विकार आत्मा को भरमाए रखते हैं। बकरी निराश हो गई। संन्यासी के पीछे आ रहे कुत्ते से रहा न गया। उसने पूछा- संन्यासी महाराज, क्या आप मोह-माया से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं? लपककर संन्यासी ने ज...

धन के तीन ही उपयोग हो सकते है... 🙏

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🙏 धन के तीन ही उपयोग हो सकते है 🙏  1- संग्रह - इसका परिणाम मनुष्य का नाश है  2- भोग - इसका परिणाम रोग है 3- दान - इसका परिणाम मानसिक सुद्धि है। एक बच्चा दोपहर में मंदिर के सामने तपती सड़क पर नंगे पैर फूल बेच रहा था , लोग मोलभाव कर रहे थे एक सज्जन ने उसके पैर देखें बहुत दुखी हुए वह भाग कर पास ही की एक दुकान से जूते लेकर आये और कहा बेटा जूते पहन ले,  लड़के ने फटाफट जूते पहने ,बड़ा खुश हुआ और उस आदमी का हाथ पकड़ के कहने लगा  आप भगवान हो...?   वह आदमी घबरा कर बोला नहीं, नहीं बेटा, मैं भगवान नहीं, फिर लड़का बोला, जरूर आप भगवान के दोस्त होंगे... क्योंकि, मैंने कल रात ही भगवान से प्रार्थना की थी कि भगवानजी मेरे पैर बहुत जलते हैं , मुझे जूते ले करके दो ... वह आदमी आंखों में पानी लिए मुस्कुराता हुआ चला गया पर वो जान गया था कि भगवान का दोस्त बनना ज्यादा मुश्किल नहीं है कुदरत ने दो रास्ते बनाए हैं । (1)  देकर  जाओ (2)  या  फिर  छोड़  कर  जाओ साथ लेकर के जाने की कोई व्यवस्था नहीं है..!!    🙏🏽🙏🏻जय जय श्री रा...

चल करते हैं शुरुआत....

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🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂 ❛अप्रतिम संदेश❜ बरसात में एक घटना घटी। पेड़ पर से एक घोंसला हवा के थपेडे से अचानक गिर गया। गिर कर भी दोनों मौन बैठे रहे।   चिडा - "सुबह बात करते हैं" चिडी - "हाँ" रात गुजरने की राह दोनों देख रहे थे। सुबह का साफ वातावरण देख दोनों खुश हो गये। चिडा जोश से बोला- "क्या हम चलें ?  फिर से तिनके इकट्ठा करते हैं। "चिडी की आँख में पानी देखकर, चिडा बोला- "अरे पगली रो क्यों रही है ? गिराना उसके हाथ में हैं, पर बनाना तो अपने हाथ में हैं। और मदद कि राह देखने के लिये हम इंसान थोड़े ही हैं! चल करते हैं शुरुआत " और उन दोनो ने ऊँचे आसमान में छलाँग लगाई ... 🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂

'भारत' में रहकर 'भारत' को गाली देने वाले कुत्तों के लिए समर्पित कहानी....

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एक बादशाह अपने कुत्ते के साथ नाव में यात्रा कर रहा था। उस नाव में अन्य यात्रियों के साथ एक दार्शनिक भी था। कुत्ते ने कभी नौका में सफर नहीं किया था, इसलिए वह अपने को सहज महसूस नहीं कर पा रहा था। वह उछल-कूद कर रहा था और किसी को चैन से नहीं बैठने दे रहा था। मल्लाह उसकी उछल-कूद से परेशान था कि ऐसी स्थिति में यात्रियों की हड़बड़ाहट से नाव डूब जाएगी। वह भी डूबेगा और दूसरों को भी ले डूबेगा। परन्तु कुत्ता अपने स्वभाव के कारण उछल-कूद में लगा था। ऐसी स्थिति देखकर बादशाह भी गुस्से में था, पर कुत्ते को सुधारने का कोई उपाय उन्हें समझ में नहीं आ रहा था। नाव में बैठे दार्शनिक से रहा नहीं गया। वह बादशाह के पास गया और बोला : "सरकार। अगर आप इजाजत दें तो मैं इस कुत्ते को भीगी बिल्ली बना सकता हूँ।"  बादशाह ने तत्काल अनुमति दे दी। दार्शनिक ने दो यात्रियों का सहारा लिया और उस कुत्ते को नाव से उठाकर नदी में फेंक दिया।  कुत्ता तैरता हुआ नाव के खूंटे को पकड़ने लगा। उसको अब अपनी जान के लाले पड़ रहे थे। कुछ देर बाद दार्शनिक ने उसे खींचकर नाव में चढ़ा लिया। वह कुत्ता चुपके से जाकर एक कोने मे...

मेरा हिसाब कर दीजिये....

लिपिका जी डाक्टर साहब के क्लिनिक पर भागी भागी गईं, थोड़ी घबराई हुई थोड़ी सहमी हुई उनके चेहरे पर कुछ बुरा होने के आसार दिखाई दे रहे थे। डाक्टर साहब की उनपर नज़र पड़ी तो डाक्टर को लगा कि इस औरत को इंतज़ार में लगे बाक़ी पेशंट से पहले इलाज होना चाहिये, अपने नियम को भूलकर डाक्टर साहब ने उन्हें पहले बुलवा लिया। "जी, क्या प्राब्लम है आपकी?" डाक्टर साहब ने निहायत संजीदगी से पूछा जो संजीदगी वह अपने खास पेशंट को ही दिखाते थे। "डाक्टर साहब, मुझे कोई प्राब्लम नहीं है.. प्राब्लम मेरे हसबैंड में हैं मुझे लगता है कि वो मानसिक रोगी होते जा रहे हैं।" लिपिका जी ने इत्मीनान से जवाब दिया। "अच्छा, क्या करते हैं? आप पर हाथ उठाते हैं या आपके साथ मिसबिहेव करते हैं?" डाक्टर साहब ने पूछा। "नहीं नहीं, हाथ तो अभी तक नहीं उठाया है और न ही कभी ऐसी हिम्मत हुई पर धमकियां देते हैं और साथ ये भी कहते हैं कि "मेरा हिसाब कर दो".. "मेरा हिसाब कर दो।" ..ये कहते ही लिपिका जी ख़ामोश हो गईं। "आप परेशान न हों, कहां हैं आपके हसबैंड साथ नहीं लाए आप उनको?" डाक्टर सा...

उम्मीदें कमज़ोर कर देती है....

🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃 एक बादशाह सर्दियों की शाम जब अपने महल में दाखिल हो रहा था तो एक बूढ़े दरबान को देखा जो महल के सदर दरवाज़े पर पुरानी और बारीक वर्दी में पहरा दे रहा था।  बादशाह ने उसके करीब अपनी सवारी को रुकवाया और उस बूढ़े दरबान से पूछने लगा ; "सर्दी नही लग रही ?" दरबान ने जवाब दिया "बोहत लग रही है हुज़ूर ! मगर क्या करूँ, गर्म वर्दी है नही मेरे पास, इसलिए बर्दाश्त करना पड़ता है।" "मैं अभी महल के अंदर जाकर अपना ही कोई गर्म जोड़ा भेजता हूँ तुम्हे।" दरबान ने खुश होकर बादशाह को फर्शी सलाम किया और आजिज़ी का इज़हार किया।  लेकिन बादशाह जैसे ही महल में दाखिल हुआ, दरबान के साथ किया हुआ वादा भूल गया।  सुबह दरवाज़े पर उस बूढ़े दरबान की अकड़ी हुई लाश मिली और करीब ही मिट्टी पर उसकी उंगलियों से लिखी गई ये तहरीर भी ; "बादशाह सलामत ! मैं कई सालों से सर्दियों में इसी नाज़ुक वर्दी में दरबानी कर रहा था, मगर कल रात आप के गर्म लिबास के वादे ने मेरी जान निकाल दी।" सहारे इंसान को खोखला कर देते है और उम्मीदें कमज़ोर कर देती है।  अपनी ताकत के बल पर जीना शुरू कीजिए, ...