मेरी कहानी
मुझे लगता था हम कभी थक नहीं सकते
लेकिन पता नहीं क्यूँ अब थक गए हैं, ईश जिंदगी से
अपने अंदर मौजूद हर एहसास से, टूटे हुए ख्वाब ओर ख्वाहिशो से
हर रिश्ते से, हर बार टूटे विस्वास से ओर अपने वजूद से भी
पता नहीं क्यूँ पर अब शायद कभी किसी को वैसे नहीं मिलेंगे, जैसे हम थे
Comments
Post a Comment