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मर्द इसे कहते हैं.........

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  किसी ने ...मेरे ऊपर हँसकर कहा बीबी के लिए इतना करेगा तो जोरू का गुलाम बन जायगा .....अगर उसके आगे हर बार झुका तो मर्द के नाम पर दाग लग जायगा जब  तुझसे अपनी  औरत ही बस में नहीं हो सके तो तू  क्या मर्द बन पाएगा ..... मैं छोटे शब्दो में छोटा जवाब दे गया .......मैं  उसकी गलतियों पर  मारकर मर्द ना  बन पाउ पर उसको प्यार से  समझाकर उसका दोस्त बन जाउंगा ........ उसकी खुशी के लिये हर बार झुक जाऊगा तो मर्द नहीं उसका प्यार बन जाउंगा ........ उसकी हर बातो को बड़े प्यार से सुन जाऊ तो मर्द नहीं अपने पन का एहसास उसको हमेशा  दिलाऊंगा .......उसके हर दुःख हर तकलीफ में उसके साथ खड़ा हो जाऊगा तो मर्द नहीं  उसका पति बन जाउंगा .....  उसके हर एहसास हर जज्बातो को दिल से समझ जाऊ तो उसको हमेशा  अपना बनाऊँगा  .....मर्द बनू   या ना बनू पर उसकी जिंदगी खुशीयो से भर जाये ऐसा उनका हम सफर बन जाउंगा ......,. लक्ष्मी कहते है  घर की ओरतो को तो उनको लक्ष्मी अपने घर  की  बनाऊगा उसका भी हक होगा मुझ पर ऐसा उसको एहसास दिलाऊंगा .......उसको ...

प्यास का प्रेम या प्रेम की प्यास

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  पुरुष ने किसी रात गहरी नींद सोई स्त्री के कानों को छुआ होठों को चूमा स्त्री ने कहा"सोने दो न" और उसने आगोश फैला दिया आलिंगन में कस लिया पुरूष को पुरुष ने मन भर पीया स्त्री को और करवट बदल कर सो गया ऐसी ही किसी रात स्त्री ने नींद में कसमसाते पुरूष के कान छुए बालों में हाथ फिराया पुरूष ने हाथ झटक दिया बड़बड़ाया, "सोने दो यार" और पीठ करके सो गया स्त्री ने मन की करवट बदली सो गई पुरुष के पास प्यास का प्रेम था और नदी भर स्त्री थी स्त्री के पास  प्रेम की प्यास थी और बहते-बहते सूख जाना नियति में लिखा था. . .

दुकान पर एक स्लोगन पढा़ ..

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  कल सैलून वाले क़ी दुकान पर एक स्लोगन पढा़ .. "हम दिल का बोझ तो नहीं पर सिर का बोझ जरूर हल्का कर सकते हैं "..🤣 लाइट क़ी दुकान वाले ने बोर्ड के नीचे लिखवाया .. "आपके दिमाग की बत्ती भले ही जले या ना जले,परंतु हमारा बल्ब ज़रूर जलेगा ".. 🤣 चाय के होटल वाले ने काउंटर पर लिखवाया .. "मैं भले ही साधारण हूँ, पर चाय स्पेशल बनाता हूँ।" 🤣 एक रेस्टोरेंट ने सबसे अलग स्लोगन लिखवाया .. "यहाँ घऱ जैसा खाना नहीं मिलता, आप निश्चिंत होकर अंदर पधारें।" 😀 इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर स्लोगन पढ़ा तो मैं भाव विभोर हो गया .. "अगर आपका कोई फैन नहीं है तो यहाँ से ले जाइए ".. 😂 गोलगप्पे के ठेले पर एक स्लोगन लिखा था .. "गोलगप्पे खाने के लिए दिल बड़ा हो ना हो, मुँह बड़ा रखें, पूरा खोलें" ..🤣 फल भंडार वाले ने तो स्लोगन लिखने की हद ही कर दी .. "आप तो बस कर्म करिए, फल हम दे देंगे ".. 🤣 घड़ी वाले ने एक ग़ज़ब स्लोगन लिखा ..? "भागते हुए समय को बस में रखें, चाहे दीवार पर टांगें, चाहे हाथ पर बांधें...".. 🤣 ज्योतिषी ने बोर्ड पर स्लोगन लिखवाया ..😅 ...

दिसम्बर....सिर्फ साल का अंतिम महीना नहीं होता ...

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दिसम्बर, महीना होता है जब पूरे साल के दरम्यान गई गुजरी हर एक बात एक बार फिर आपकी आंखों के आगे से घूम जाती है। जब ओस भरी सुबह और मुलायम कम्बल के रेशों के बीच नींद खुलती है और अंगड़ाई लेते हुए आप बिस्तर छोड़ने की कोशिश करते हैं, उस वक़्त एक ख्याल जरूर आता है मन मे कि आज दिसम्बर की फलां तारीख हो गई, अब बस इतने दिन और बचे हैं इसे पूरा होने को! भले ही यह ख्याल किसी और महीने में आए या ना आए, दिसम्बर में जरूर आता है। इस दिसम्बर की धूप सिर्फ अपने साथ उजाला और तन को सुकून देने वाली गर्माहट ही नहीं लेकर आती, बल्कि वो लेकर आती है उन तमाम गुजरे हुए पलों को और उन सभी खट्टी मीठी यादों को, जिनमे से कुछ को आप दोबारा जी लेना चाहते हैं , उस समय मे वापस पहुँचकर, तो कुछ से बस पीछा छुड़ा लेना चाहते हैं! यह वो महीना होता है जब एक साथ उत्साह और अफसोस दोनों आपके पीछे पड़ जाते हैं! उत्साह, पूरे साल भर किए गए अच्छे कामों का और आपके द्वारा गुजारे गए खूबसूरत पलों का.....और अफसोस उन गलतियों के लिए, जिन्होने भले ही आपके सीख तो दी, लेकिन नुकसान भी किया! इसी दिसम्बर की गुनगुनाती दोपहरी में छत पर बैठे, पेड़ों को हिलते काँपत...

क्योंकि वो अनपढ़ थी ना ...

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  एक मध्यम वर्गीय परिवार के एक लड़के ने 10वीं की परीक्षा में 90% अंक प्राप्त किए।   पिता ने मार्कशीट देखकर खुशी-खुशी अपनी बीवी को कहा कि बना लीजिए मीठा दलिया, स्कूल की परीक्षा में आपके लाड़ले को 90% अंक मिले हैं ..! माँ किचन से दौड़ती हुई आई और बो ली, "..मुझे भी बताइये, देखती हूँ...! इसी बीच लड़का फटाक से बोला... "बाबा उसे रिजल्ट कहाँ दिखा रहे हैं ?... क्या वह पढ़-लिख सकती है ? वह अनपढ़ है ...!" अश्रुपूर्ण आँखों को पल्लू से पूछती हुई माँ दलिया बनाने चली गई.  ये बात पिता ने देखी...!  फिर तुरंत उन्होंने लड़के के कहे हुए वाक्यों में जोड़ा और कहा... "हां रे ! वो भी सच है...! जब हमारी शादी हुई तो तीन महीने के अंदर ही तुम्हारी माँ गर्भवती हो गई.. मैंने सोचा शादी के बाद कहीं घूमने नहीं गए... एक दूसरे को ठीक से हम समझे भी नहीं हैं चलो इस बार अबॉर्शन करवा कर आगे चांस लेते हैं.. लेकिन तुम्हारी माँ ने ज़ोर देकर कहा "नहीं" बाद में चाँस नहीं.... घूमना फिरना और आपस में समझना भी नहीं फिर तेरा जन्म हुआ..... क्योंकि वो अनपढ़ थी ना....! जब तू गर्भ में था तो उसे दूध बिल्कुल ...

बिहार का बियाह..

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  " बिहार का एगो खास बात है आप चाहे लाख होटल, मैरिज हॉल बनवा लीजिए, बरियाती ठहरने का जो मजा सरकारी स्कूल में है ऊ कहीं नहीं. पोआर बिछा के दरी के ऊपर टेंट हाउस वाला उजरा गुलाबजामुन जैसा तकिया फेंका-फेंकी में अलग लेवल का आनन्द आता है. खिड़की से सन्न-सन्न पछिया बह रहा है आ खिड़की का एगो पल्ला गायब है. दीवार से पीठ लगाकर बैठिए त दीवार का आधा चूना झड़ जाता है. बाहर लड़के का फूफा लड़की के चच्चा से अलगे लड़ रहा है “बताइए ईहाँ दीशा-पैखाना का कोई बेवस्थे नहीं है.. हमारा लड़का कहाँ जाएगा. लाइट का भी कोनो ठीक जोगाड़ नहीं देख रहे हैं. ई घुप्प अन्हार में हम आज अर्थिंग पर मूत आते. बताइए हमारा तो जीवने अन्हार हो जाता. अरे पैसा का कमी था तो बताते हमही आकर सब बेवस्था कर जाते.” स्कूल के गेट पर रिमझिम बैंड पार्टी का रंगरूट सब फिरंगी आर्मी जैसा ड्रेस पहिने ढोल-ताशा बजाए बेहाल पड़ा है. पिंपनी वाला अपना फेफड़ा का पूरा दम झोंक दे रहा है. आ स्टार गायक हाथ में आधा घण्टा से माइक लेकर खाली “रेडी वन टू थ्री, वन टू थ्री” कर रहा है. गाना शुरू किया “अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो दर पे सुदामा गरीब आ गया है.” उधर से लड़के...

Crush क्या होता है..

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  किसी ने पूछा ये Crush क्या होता है हमने कहा! undefined शब्द है....!!!! भला ऐसा कैसे हो सकता है, के कोई शब्द हो और undefined हो, कुछ शब्द होते हैं जो आजकल के ज़माने में फैशन बन जाते हैं, उन्ही में से एक Crush है, लोग एक मिनट में बोल देते हैं ... मेरी Crush / मेरा Crush और इस तरह से ये शब्द है जिसे बोल सकते "फैशन के दौर में गारंटी की इच्छा न करें" ! हर रोज Crush चेंज हो जाते हैं, फिर इसकी प्युरिटी ही वाहियात हो जाती है ...! लेकिन अगर सच मे Crush की बात करें... तो Crush वो होता है , ▪️जिसके लिए जुनून हो। ▪️जिसके सामने अपना हर शब्द इसलिए फीका हो क्योंकि उसके हर शब्द में आकर्षण है । ▪️जिसके लिए हर दफ़ा उतनी ही बेचैनी बरकरार रहे जितनी पहली नजर में रही हो। ▪️ जिसकी हज़ार कमियां भी उसके सामने बेबुनियाद लगे। ▪️ जहां पता हो उसकी जिंदगी का कोई सिरा भी तुम्हारे लिए रिक्त नही है फिर भी उसके लिए समर्पण हो। ▪️ जहां निःस्वार्थ लगाव हो, जहां मन उसके नाम मात्र पर श्रद्धा और सद्भाव रखता हो। ▪️जहां प्रेम बदले में प्रेम की आस न हो। ▪️ Crush प्रेम से भी पवित्र और गहरा शब्द है, शायद इसे Define करना ...