Gulzar - पढ़िए उनकी लिखी हुई कुछ सबसे खूसबूरत शायरी.
- हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते...
वक्त की शाख से लम्हे नहीं तोड़ा करते... - जब भी ये दिल उदास होता है.
जाने कौन आस-पास होता है. - कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़...
किसी की आंख में हम को भी इंतिज़ार दिखे .... - ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में...
एक पुराना ख़त खोला अनजाने में ... - फिर वहीं लौट के जाना होगा ...
यार ने कैसी रिहाई दी है ... - सहमा सहमा डरा सा रहता है ....
जाने क्यूं जी भरा सा रहता है ......
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